मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि कमजोर घरेलू बाजारों और एफआईआई आउटफ्लो के कारण रुपया नकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ कारोबार करेगा, जिससे रुपये पर दबाव बना रहेगा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी से रुपये पर और असर पड़ सकता है।”
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे गिरकर 89.96 पर बंद हुआ

