नई दिल्ली: भारतीय रक्षा पीएसयू हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (एचएएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और मझगांव डॉक्स (एमडीएल) दुनिया की शीर्ष 100 हथियार उत्पादक कंपनियों में शामिल हैं, लेकिन पिछले साल वैश्विक हथियारों की बिक्री में उनकी हिस्सेदारी महज 1.1% थी।स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) द्वारा सोमवार को जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन और गाजा में संघर्ष, वैश्विक और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनाव और लगातार बढ़ते सैन्य खर्च के कारण वैश्विक हथियारों का राजस्व 2024 में 5.9% बढ़कर रिकॉर्ड 679 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।शीर्ष 100 सूची में 39 अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है, जो कुल मिलाकर 334 अरब डॉलर का प्रतिनिधित्व करती हैं। चीन आठ कंपनियों के साथ दूसरे स्थान पर है, जिनकी कुल कमाई 88 अरब डॉलर है। हथियारों की बिक्री में 3.8 बिलियन डॉलर के साथ एचएएल 44वें स्थान पर, 2.4 बिलियन डॉलर के साथ बीईएल 58वें और 1.2 बिलियन डॉलर के साथ एमडीएल 91वें स्थान पर है, जो कुल मिलाकर 8.2% की वृद्धि है।सूची में शीर्ष पांच कंपनियां लॉकहीड मार्टिन (यूएस), आरटीएक्स या रेथियॉन (यूएस), नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन (यूएस), बीएई सिस्टम्स (यूके) और जनरल डायनेमिक्स (यूएस) थीं।
‘दुनिया के शीर्ष 100 हथियार निर्माताओं में से तीन बिजली आपूर्ति इकाइयाँ, लेकिन बिक्री में उनकी हिस्सेदारी 1.1% है’ | भारत समाचार