वाराणसी: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के सौजन्य से पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए एक डिजिटल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।मंडल वरिष्ठ वित्त प्रबंधक राजेश कुमार ने सेवानिवृत्त एवं पेंशनभोगी कर्मचारियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र है जो पेंशन प्रदाता को सूचित करता है कि पेंशनभोगी जीवित है। सरकार ने इसे “जीवन प्रमाण” पोर्टल एप्लिकेशन के माध्यम से लागू किया है। एक बार इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र तैयार हो जाने पर, यह सीधे पेंशन निपटान एजेंसी (पीडीए) के पास पहुंच जाता है। पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। पहले, पेंशनभोगी हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंकों या कार्यालयों में जाते थे, लेकिन अब सरकार ने इसे डिजिटल रूप से जमा करने का विकल्प देकर इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है। यह 100% कागजी कार्रवाई-मुक्त, सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है, जिसे पेंशनभोगी स्वयं घर से मोबाइल फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से पूरा कर सकते हैं। यह प्रमाणपत्र स्वचालित रूप से आपके विभाग और बैंक को भेज दिया जाता है।इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह ने पेंशन भुगतान आदेश के लिए आधार संख्या को सत्यापित करने, पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) संख्या को मोबाइल फोन नंबर (आधार से जुड़े) के साथ जोड़ने और फिंगरप्रिंट स्कैनर का उपयोग करके पेंशन खाते को सुरक्षित रखने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा पेंशनभोगी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी जोड़े रखने की यह एक अच्छी पहल है। इससे पेंशनभोगियों को भत्ते, जीवन प्रमाण पत्र, चिकित्सा सुविधाओं आदि से संबंधित नियमों में बदलाव के बारे में सूचित रहने और उपलब्ध लाभों के बारे में जागरूक रहने में मदद मिलती है।इससे पहले पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन वाराणसी मंडल के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने वाराणसी मंडल के पदाधिकारियों का स्वागत किया।